दिल कि तड़प

Raman

 वो रात काली मिटा आया हू में, तेरे इश्क की चांदनी से। 

में ख़ुद को छोड़ आया हूं तेरा बनने के लिए 

हर खुशी तेरी अब है मेरी 

में ज़माने छोड़ आया तेरे लिए



Comments