दर्द ए मोहब्बत.....


"टूटा हैं दिल मेरा नहीं अब मे किसी का

चांदनी रात काली लगे साथी न कोई दिखे।

सब मोह माया के पीछे न कोई सगा किसी का 

बेवफाई की आग लगाकर  वो एसे भागे सारा जग मे ढूंढ लिया 

कमबख्त नजरो मे समाकर ख़ुद को हुए एसे लापता की अब तक न दिखे।  
दर्द ए मोहब्बत

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