सरकार और आंतक धर्म-जाति

 कोई भी व्यक्ति अपना धर्म ओर जाति नहीं भूलता हैं.

 लेकिन जो लोग सरकार और आंतक का निर्माण करते हैं,

 वो हमें यह एहसास कराते है कि हम अपना धर्म- जाति भूल गये है. यहां वो सिर्फ़ अपना फ़ायदा देखते हैं


और इस तरह के भाव उनकी रोटी खा जाते है जिन्हें सिर्फ ओर सिर्फ अपनी रोजी रोटी से मतलब हैं 

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